पटना. बिहार में सियासी घमासान तेज हो गया है. बीजेपी से लेकर कांग्रेस तक सभी दल मैदान में पूरी तरह एक्टिव हैं. पहले चरण की 121 सीटों पर मतदान के लिए चुनाव प्रचार अब अंतिम चरण में है.
इसी बीच मोकामा से जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह की दुलीचंद हत्याकांड मामले में गिरफ्तारी ने बिहार की सियासत में अचानक नया उबाल ला दिया है. इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष जमकर राजनीति कर रहा है.
अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी मोकामा पहुंचे और प्रचार की कमान संभाली। लेकिन अब यही प्रचार उनके लिए “गले की हड्डी” बनता जा रहा है.
दरअसल, ललन सिंह का प्रचार के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वायरल वीडियो को लेकर आरजेडी ने चुनाव आयोग से शिकायत की है और कार्रवाई की मांग की है.
जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग अब ललन सिंह को नोटिस भेजने की तैयारी में है। सवाल ये उठ रहा है कि आखिर वीडियो में ऐसा क्या था जिससे आयोग कार्रवाई पर विचार कर रहा है.
ललन सिंह ने अपने बयान में कहा था कि “आप सब लोग कमान संभाल लीजिए. एक-दो नेता हैं, उनको घर से निकलने मत दीजिए, घर में ही पैक कर दीजिएगा. अगर बहुत हाथ-पैर जोड़ें तो साथ ले जाकर सिर्फ वोट करवा दीजिए, फिर घर बैठा दीजिए.”
ललन सिंह का यही बयान अब उनके लिए परेशानी का सबब बन गया है। विपक्ष ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.आरजेडी ने ललन सिंह का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “केंद्रीय मंत्री ललन सिंह चुनाव आयोग की छाती पर बुलडोज़र चढ़ाते हुए कह रहे हैं कि गरीबों को वोटिंग के दिन घर से निकलने नहीं देना है! घर में बंद कर देना है, अगर ज़्यादा हाथ-पैर जोड़ेगा तो अपने साथ ले जाकर वोट गिराने देना है. कहां है मरा हुआ आयोग?”
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव आयोग इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है, लेकिन फिलहाल आरजेडी ने इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है और मोकामा में वोटिंग से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है.