राहुल गांधी की चर्चित वोटर अधिकार यात्रा के बाद अब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा बिहार में चुनावी रैली की कमान संभालने जा रही. प्रियंका गांधी 26 सितंबर को बिहार में होने वाले अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगी. प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उनकी यह यात्रा रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रियंका गांधी की पहली सभा मोतिहारी के गांधी मैदान में आयोजित होगी, जहां दोपहर करीब एक बजे वे बिहार की जनता को संबोधित करेंगी और मंच से पार्टी की योजनाओं और विजन को साझा करेंगी. इस कार्यक्रम को आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से कांग्रेस की बड़ी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है.
ऐतिहासिक होने वाली है कांग्रेस कार्य समिति की बैठक
बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस की विस्तारित राष्ट्रीय कार्य समिति (CWC) की बैठक पहली बार 26 सितंबर को बिहार में आयोजित होने जा रही है. यह बैठक पार्टी की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर केंद्रित होगी. कांग्रेस इसे ऐतिहासिक अवसर मान रही है, क्योंकि लंबे समय बाद राज्य में इतनी बड़ी राजनीतिक गतिविधि देखने को मिलेगी. इसलिए इस ऐतिहासिक अवसर पर सदाकत आश्रम को पूरी तरह सजाया जा रहा है, जहां 23 सितंबर की शाम से ही बड़े नेताओं का आगमन शुरू हो जाएगा.
बैठक में कांग्रेस शीर्ष नेता शामिल होंगे. पार्टी का मानना है कि इस कदम से बिहार में संगठन को नया जोश मिलेगा और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बैठक कांग्रेस की जमीनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है.
बिहार को लेकर कांग्रेस की रणनीति
पहले राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा, अब प्रियंका गांधी की यात्रा, CWC की बैठक इन्हे देख कर ये साफ लग रहा है कि कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ने जा रही है. वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रियंका गांधी का यह दौरा कांग्रेस के सामाजिक संपर्क को बढ़ाएगा और जमीनी स्तर पर समर्थन जुटाने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.