पटना: बिहार की राजनीति में आज बड़ा मोड़ आ गया है. महागठबंधन ने प्रेस कांफ्रेंस कर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया है. आज होटल मौर्य में होने वाली महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी के नाम की औपचारिक घोषणा हुयी.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि “देश में लोकतंत्र खतरे में है, बिहार में लोग बदलाव चाहते हैं. पिछली बार तेजस्वी ने कमाल किया था. बिहार को रोजगार की चिंता है.” उन्होंने कहा कि “विरोधी दलों के पास धनबल की कोई कमी नहीं.” गहलोत ने यह भी जोड़ा कि चुनाव आयोग (EC) की स्थिति को लेकर जनता सब कुछ देख रही है.
कांग्रेस ने अब तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में स्वीकार कर लिया है. यह फैसला महागठबंधन के भीतर लंबे समय से चल रहे मतभेदों को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. बीते बुधवार को गहलोत ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी. इस बैठक में कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु भी मौजूद थे.
महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि अब सीट बंटवारे को लेकर स्थिति काफी हद तक साफ हो चुकी है और कुछ सीटों पर “दोस्ताना मुकाबले” के अलावा कोई बड़ी अड़चन नहीं बची है. कांग्रेस की तरफ से पहले तेजस्वी को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने में झिझक थी, लेकिन अब पार्टी ने यह मुद्दा छोड़ते हुए आरजेडी के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया है.