पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन ने आज पटना के होटल मौर्या में अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसका नाम ‘तेजस्वी प्रण’ रखा गया है. इस अवसर पर तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस के पवन खेड़ा, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, दीपांकर भट्टाचार्य और अन्य सहयोगी दलों के नेता मौजूद रहे. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि महागठबंधन ने सबसे पहले सीएम फेस घोषित किया और अब सबसे पहले मेनिफेस्टो जारी किया है.
हर परिवार को नौकरी और महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता का वादा
घोषणापत्र में वादा किया गया है कि महागठबंधन की सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और 5 डिसिमल जमीन देने का अधिनियम लाया जाएगा. महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह की सहायता राशि मिलेगी, वहीं बेटियों के लिए ‘BETI’ और माताओं के लिए ‘MAI’ योजना शुरू होगी. साथ ही, संविदाकर्मियों को स्थायी करने, जीविका दीदियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा और ₹30,000 वेतन देने की घोषणा की गई है.
शिक्षा, रोजगार और किसानों पर विशेष ज़ोर
महागठबंधन ने सवा करोड़ से अधिक रोजगार सृजन, ग्रेजुएट युवाओं को ₹2,000 और पोस्ट ग्रेजुएट्स को ₹3,000 बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया है. प्रत्येक अनुमंडल में महिला कॉलेज और 136 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा भी की गई है. किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद की गारंटी, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, ₹25 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा और ओल्ड पेंशन स्कीम की वापसी जैसे बड़े वादे घोषणापत्र में शामिल हैं.
“तेजस्वी प्रण” तय करेगा बिहार का भविष्य
तेजस्वी यादव ने कहा कि यह सिर्फ चुनावी दस्तावेज नहीं, बल्कि एक न्यायपूर्ण और समृद्ध बिहार के निर्माण का संकल्प है. तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनडीए सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि बीते 20 वर्षों में बिहार विकास नहीं, बल्कि पलायन, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया है.
उन्होंने दावा किया कि इस बार जनता बदलाव के मूड में है और “तेजस्वी प्रण” बिहार के भविष्य की नई दिशा तय करेगा. वहीं वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि महागठबंधन अगले 30-35 वर्षों तक बिहार की जनता की सेवा करेगा और युवाओं, किसानों व महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने जोड़ा कि यह घोषणापत्र सिर्फ वादों की सूची नहीं, बल्कि बिहार को फिर से आत्मनिर्भर और सम्मानजनक राज्य बनाने का रोडमैप है.