पटना: बिहार में जहां एक ओर सत्ताधारी गठबंधन एनडीए आरोप प्रत्यारोप और पार्टी नेताओं की नाराजगी में उलझा हुआ है वहीं महागठबंधन चुनावी तैयारी में रोज अपनी तरकश से तीर चला रहा है. इसी कड़ी में बुधवार को पटना में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में अति पिछड़ा वर्ग के लिए संकल्प पत्र जारी किया गया.
चुनावों से पहले सभी पार्टियां संकल्प पत्र जारी करती है. लेकिन इस बार महागठबंधन जो संकल्प पत्र जारी की है उसे लेकर चर्चा होने लगी है. इस संकल्प पत्र में उन सभी बातों की झलक दिखती है जो राहुल गांधी या फिर तेजस्वी यादव अपने भाषणों में कहते हैं. जैसे आरक्षण और जातीय जनगणना.
महागठबंधन के संकल्प पत्र में अति पिछड़ा वर्ग यानी EBC वर्ग के लिए जो प्रमुख वादे किए गए हैं.
- बिहार में ईबीसी समाज के लिए एससी/एसटी की तरह ‘अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम’ लागू किया जाएगा.
- पंचायत और नगर निकायों में अतिपिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण वर्तमान 20% से बढ़ाकर 30% किया जाएगा.
- आबादी के अनुपात के हिसाब से आरक्षण की 50% सीमा बढ़ाने के लिए कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने हेतु केंद्र सरकार को भेजा जाएगा.
- सरकारी नियुक्तियों में Not Found Suitable (NFS) जैसी प्रथा को गैरकानूनी घोषित किया जाएगा.
- अतिपिछड़ा वर्ग की सूची में यदि किसी जाति का अधिक या कम समावेशन हो तो इसे सुधारने के लिए विशेष कमेटी बनाई जाएगी.
- शहरी क्षेत्रों में 3 डेसिमल और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डेसिमल भूमि अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के भूमिहीन परिवारों को उपलब्ध कराई जाएगी.
- शिक्षा अधिकार अधिनियम (2010) के तहत प्राइवेट स्कूलों में नामांकन के लिए आरक्षित सीटों का आधा हिस्सा अतिपिछड़ा, पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों के लिए रखा जाएगा.
- 25 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेके और आपूर्ति कार्यों में 50% आरक्षण इन वर्गों के लिए लागू किया जाएगा.
- संविधान की धारा 15(5) के तहत राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थानों में भी आरक्षण लागू होगा.
- आरक्षण की निगरानी और कार्यान्वयन के लिए उच्च अधिकार वाला आरक्षण नियामक प्राधिकरण बनाया जाएगा और जातियों की आरक्षण सूची में कोई बदलाव केवल विधान मंडल की मंजूरी से ही किया जाएगा.
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मौके पर कहा कि अगर इंडिया गठबंधन सत्ता में आता है तो वह आरक्षण की 50% की सीमा को खत्म करेगा. उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकारी ठेकों में अति पिछड़ा वर्ग के लिए 50% आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा.
अभी तक बिहार की राजनीति में EBC वर्ग को नीतीश कुमार का वोटबैंक माना जाता था. महागठबंधन को उम्मीद है कि उनके संकल्प पत्र के बाद EBC वर्ग उनके पाले में आ सकता है. फिलहाल बिहार में चुनाव तक ये कहना मुश्किल है कि महागठबंधन की उम्मीद कितनी पूरी होगी.