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डिहाइड्रेशन से आगे की बात: गर्मी दिमाग को कैसे प्रभावित करती है ? दिमाग को भी चाहिए सुरक्षा, एक्सपर्ट्स ने बताया क्यों

गर्मियों में बाहर निकलते ही जो भारीपन महसूस होता है, वह सिर्फ मौसम की तपिश नहीं होता, बल्कि शरीर और दिमाग दोनों पर पड़ने वाला असर भी होता है। तेज धूप, उमस और लगातार बढ़ता तापमान धीरे-धीरे शरीर की ऊर्जा कम करने लगता है। शुरुआत में थकान, सिरदर्द या चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है, लेकिन कई बार यही स्थिति दिमाग की कार्यक्षमता को भी प्रभावित करने लगती है। आमतौर पर गर्मियों की बात आते ही डिहाइड्रेशन, सनबर्न या हीट स्ट्रोक की चर्चा होती है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक गर्मी का असर मस्तिष्क पर भी सीधा पड़ता है। कई लोगों को तेज गर्मी में ध्यान लगाने में दिक्कत, चक्कर आना, बेचैनी, भ्रम की स्थिति या सिर भारी लगने जैसी परेशानियां होने लगती हैं।

गर्मी में क्यों प्रभावित होता है दिमाग?

विशेषज्ञों के अनुसार, जब शरीर लंबे समय तक गर्मी में रहता है तो पसीने के जरिए पानी और जरूरी मिनरल्स तेजी से बाहर निकलने लगते हैं। खासतौर पर सोडियम की कमी होने पर शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है। यही कारण है कि कुछ लोगों में कमजोरी, चक्कर या गंभीर स्थिति में दौरे तक पड़ सकते हैं। अगर शरीर समय पर ठंडा न हो पाए तो हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है, जिसमें बेहोशी, तेज सिरदर्द और मानसिक भ्रम जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। जिन लोगों को पहले से न्यूरोलॉजिकल समस्या है, उनके लिए यह स्थिति ज्यादा जोखिम भरी हो सकती है।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत?

बच्चे, बुजुर्ग और वे लोग जिन्हें पहले से दिमाग या नसों से जुड़ी कोई बीमारी है, गर्मी के असर से जल्दी प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा लंबे समय तक बाहर काम करने वाले लोग जैसे डिलीवरी स्टाफ, ट्रैफिक पुलिस, मजदूर या रेहड़ी-पटरी वाले भी ज्यादा जोखिम में रहते हैं। घर के अंदर रहने वालों के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित स्थिति नहीं होती। खराब वेंटिलेशन, बिजली कटौती या पर्याप्त ठंडक न मिलने से शरीर का तापमान बढ़ सकता है, जिससे बेचैनी और मानसिक थकान बढ़ती है।

किन समस्याओं का बढ़ सकता है खतरा?

तेज गर्मी से याददाश्त कमजोर होना, ब्रेन फॉग और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होना आम हो सकता है। माइग्रेन से परेशान लोगों में धूप सिरदर्द को ट्रिगर कर सकती है। Parkinson’s disease, Alzheimer’s disease, Multiple sclerosis और Stroke जैसी स्थितियों में गर्मी का असर अधिक गंभीर हो सकता है।

कैसे रखें खुद को सुरक्षित?

दिन भर पर्याप्त पानी पीना, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनना और तेज धूप में बाहर निकलने से बचना सबसे जरूरी है। अगर सिरदर्द, चक्कर, अत्यधिक थकान या भ्रम महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। गर्मी सिर्फ मौसम नहीं, शरीर के लिए एक चुनौती भी है और इसका असर दिमाग तक पहुंच सकता है

news desk

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