दस साल पहले माहिष्मती साम्राज्य ने भारतीय फिल्मों को दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई थी. अब वही कहानी फिर से थिएटर्स में धूम मचा रही है. निर्देशक एस.एस. राजामौली ने बाहुबली: द बिगिनिंग की 10वीं सालगिरह पर दोनों फिल्मों को मिलाकर एक नया वर्ज़न तैयार किया है, जिसका नाम है बाहुबली: द एपिक. इसमें कुछ नए सीन, बेहतर आवाज़ और ताज़ा कंटेंट जोड़ा गया है. यह 31 अक्टूबर को भारत और अमेरिका के कुछ चुनिंदा सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई. फिल्म की रिलीज के पहले दो दिनों में ही दर्शकों का जोश साफ दिखाई दिया.
फिल्म ने रिलीज़ के पहले दिन भारत में 9.25 करोड़ रुपये कमाए, जबकि दुनिया भर की कमाई 14 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. अलग-अलग भाषाओं में तेलुगु वर्ज़न सबसे ज़्यादा चला. शनिवार को सिर्फ तेलुगु में 4.75 करोड़ रुपये की कमाई हुई और इसकी 53% सीटें भरी थीं. हिंदी वर्ज़न ने 1.65 करोड़ रुपये कमाए और इसकी ऑक्यूपेंसी करीब 15% रही. तमिल वर्ज़न ने 0.50 करोड़ रुपये कमाए (40% सीटें भरीं), मलयालम ने 0.17 करोड़ और कन्नड़ वर्ज़न ने सिर्फ 0.03 करोड़ रुपये की कमाई की.
भल्लालदेव का किरदार निभाने वाले राणा दग्गुबाती ने क्या कहा ?
फिल्म के कलाकार राणा दग्गुबाती ने मीडिया से खास बातचीत में कहा, “यह सिर्फ मेरी जिंदगी नहीं बदली, बल्कि बाहुबली ने हर फिल्ममेकर और दर्शक का नजरिया बदल दिया. बनाने का तरीका, देखने का तरीका सब कुछ. दस साल बाद भी लोग इसके लिए पागल हैं, यह अपने आप में कमाल की बात है” माहिष्मती की गर्जना एक बार फिर सिनेमाघरों में गूंज रही है.
आगे की उम्मीदें भी जबरदस्त हैं. तीसरे दिन यानी रविवार को छुट्टी का फायदा मिलने की संभावना है. खासकर तेलुगु बेल्ट में अभी भी 70 प्रतिशत से ज्यादा हॉल भरे हुए हैं. राजामौली ने संकेत दिया है कि अगले हफ्ते कुछ और सरप्राइज दृश्य जोड़े जा सकते हैं.