गुवाहाटी: असम के मांडिया निर्वाचन क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की एक चुनावी जनसभा उस वक्त अफरा-तफरी में बदल गई, जब पार्टी के उम्मीदवार और वरिष्ठ नेताओं से भरा अस्थायी मंच (Stage) अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त तीन बार के विधायक और टीएमसी प्रत्याशी शेरमन अली अहमद समर्थकों को संबोधित कर रहे थे।
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
हादसा: जब भाषण के बीच ‘औंधे मुंह’ गिरे नेताजी
जानकारी के मुताबिक, मांडिया में आयोजित इस रैली में शेरमन अली अहमद जोश के साथ अपना चुनावी भाषण दे रहे थे। मंच पर क्षमता से अधिक लोग मौजूद थे। जैसे ही नेताजी ने जनता से संवाद शुरू किया, लकड़ी और लोहे के पाइप से बना अस्थायी ढांचा वजन नहीं सह सका और चंद सेकंड में जमीन पर आ गिरा।
मंच गिरते ही वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और जनता के बीच चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई है, लेकिन कई नेताओं को मामूली खरोंचें आई हैं।
सुरक्षा में बड़ी चूक या ओवरलोडिंग?
इस घटना ने चुनावी रैलियों में सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मंच पर जगह कम थी, लेकिन कार्यकर्ताओं और नेताओं की संख्या बहुत ज्यादा थी।
अस्थायी ढांचा: बारिश और नमी के मौसम में कच्चे स्टेज का इस्तेमाल अक्सर इस तरह के हादसों को दावत देता है।
कौन हैं शेरमन अली अहमद?
शेरमन अली अहमद असम की राजनीति का एक चर्चित चेहरा हैं। वह तीन बार के विधायक रह चुके हैं और हाल ही में टीएमसी का दामन थामकर चुनावी मैदान में उतरे हैं। वह अपनी तेज-तर्रार बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। इस हादसे के बाद समर्थकों ने उन्हें तुरंत संभाला और सुरक्षित स्थान पर ले गए।
मंच गिरने का वीडियो इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहा है। लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ इसे ‘राजनीतिक भविष्य’ से जोड़कर तंज कस रहे हैं, तो कुछ आयोजकों की लापरवाही पर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।