इस्लामाबाद: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही उच्चस्तरीय शांति वार्ता में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, लेकिन पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के कपड़ों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल के स्वागत में कॉम्बैट यूनिफॉर्म और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के स्वागत में काला सूट पहनकर मुनीर ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है।
कल रात ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर ग़ालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व वाले 71 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के स्वागत के समय असीम मुनीर कैमोफ्लाज कम्बैट ड्रेस (मिलिट्री यूनिफॉर्म) में नजर आए। कुछ घंटों बाद जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस नूर खान एयरबेस पर उतरे, तब मुनीर ने काला सूट पहना हुआ था।
यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय मीडिया और डिप्लोमेटिक विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई विश्लेषकों का कहना है कि यह ‘एटायर डिप्लोमेसी’ या ‘दोहरा संदेश’ है।
क्या है इस कपड़ों के बदलाव का मतलब?
- ईरान के साथ मिलिट्री यूनिफॉर्म: ईरान के साथ तनावपूर्ण संबंधों और हालिया सैन्य संघर्ष के संदर्भ में मुनीर ने मिलिट्री लुक देकर पाकिस्तान की सैन्य ताकत और समान स्तर का संदेश दिया। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह ईरान को यह दिखाने के लिए था कि पाकिस्तान सैन्य मुद्दों पर मजबूत रुख रखता है।
- अमेरिका के साथ सूट: जेडी वेंस और अमेरिकी टीम (जिसमें जared कुश्नर और विशेष दूत स्टीव विटकोफ भी शामिल हैं) के स्वागत में सूट पहनकर मुनीर ने खुद को स्टेट्समैन और डिप्लोमेट के रूप में पेश किया। यह अमेरिका के साथ अधिक सिविलियन और आर्थिक संबंधों का संकेत माना जा रहा है।
पाकिस्तान की सेना प्रमुख का यह दोहरा रवैया शांति वार्ता के दौरान भी ‘दोहरा चेहरा’ दिखाता है। एक तरफ वे ईरान के साथ सैन्य भाषा बोल रहे हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका के सामने डिप्लोमेटिक छवि पेश कर रहे हैं।
वार्ता का संदर्भ
इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का आयोजन हो रहा है, जिसका मकसद हालिया संघर्ष को रोकना और स्थायी सीजफायर सुनिश्चित करना है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर दोनों इस मध्यस्थता में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जेडी वेंस के नेतृत्व वाली अमेरिकी टीम और अराघची के नेतृत्व वाली ईरानी टीम के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है।
हालांकि, मुनीर की इस ‘यूनिफॉर्म vs सूट’ वाली रणनीति ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या पाकिस्तान वास्तव में निष्पक्ष मध्यस्थ है या दोनों पक्षों को अलग-अलग संदेश दे रहा है।
विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
- कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स (News18, India Today, Moneycontrol आदि) ने इसे ‘Uniform Diplomacy’ या ‘Attire Signalling’ बताया है।
- विश्लेषकों का मानना है कि असीम मुनीर जानबूझकर यह संदेश देना चाहते हैं कि पाकिस्तान दोनों देशों के साथ अलग-अलग स्तर पर संबंध रखता है — ईरान के साथ सैन्य और अमेरिका के साथ डिप्लोमेटिक।
- सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा जोरों पर है, जहां यूजर्स इसे पाकिस्तान की “दोहरी नीति” का प्रतीक बता रहे हैं।
पाकिस्तान सरकार ने अभी तक इस कपड़ों के बदलाव पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।