फतेहपुर के दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की हत्या के मामले शनिवार को कांग्रेस के अधिवक्ताओं का एक दल पीड़ित परिवार से मिलने फतेहपुर पहुंचा. ये दल उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर गया था, ताकि वे हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मिलकर कानूनी मदद दे सके.
हालांकि फतेहपुर में स्थानीय प्रशासन ने इस प्रतिनिधि मंडल को परिवार से मिलने से रोक दिया. एसपी सिटी सहित तमाम पुलिस अधिकारियों ने कांग्रेस के वकीलों और कार्यकर्ताओं को मिलने की अनुमति नहीं दी. कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया है और सवाल उठाया है कि आखिर किस कानूनी धारा के तहत पीड़ित परिवार से मिलने पर रोक लगाई गई.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मंत्री एवं प्रभारी राजबहादुर ने कहा है कि यह पहली बार हुआ है कि एक पीड़ित परिवार को विधिक सहायता देने के लिए भेजे गए अधिवक्ताओं को मिलने से रोका गया. उन्होंने इसे लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था के लिए एक काला धब्बा बताया.
प्रतिनिधि मंडल में वरिष्ठ अधिवक्ता आसिफ रिजवी रिंकू, नरेश चंद्र त्रिपाठी, देवेश कुमार श्रीवास्तव, अमानुद्दीन रहमान और अन्य शामिल थे. इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर चुके हैं.