अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है और हालात और ज्यादा बिगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। भले ही दोनों देशों के बीच ओमान में एक अहम बैठक हो रही है, लेकिन बातचीत से पहले ही हालात गंभीर संकेत देने लगे हैं।
अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार (6 फरवरी) को ईरान में मौजूद अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। इससे आशंका जताई जा रही है कि अगर बातचीत नाकाम होती है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इसी संभावित खतरे को देखते हुए ईरान पूरी तरह सतर्क हो गया है।
ईरान सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए कई इलाकों में सड़कों को ब्लॉक करने की तैयारी शुरू कर दी है और कुछ जगहों पर यह कदम उठाया भी जा चुका है। इसके साथ ही हवाई यात्रा को सीमित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
इन सभी घटनाक्रमों को देखते हुए यह आशंका और गहरी हो गई है कि अमेरिका किसी भी समय ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है।अहम बात यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को परमाणु वार्ता प्रस्तावित है। दोनों देशों के प्रतिनिधि ओमान में आमने-सामने बातचीत करेंगे। आईएएनएस के मुताबिक, व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम कूटनीतिक समाधान पर काम कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पूरी तरह रोक लगाना है।
इस बातचीत के लिए ईरान के विदेश मंत्री गुरुवार (5 फरवरी) देर रात ओमान पहुंच चुके हैं। वहीं अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ वार्ता में शामिल होंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि मुख्य दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर दोनों ही इस अहम बातचीत के लिए ओमान जाएंगे।
