ग्रेटर नोएडा (दादरी). उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के दादरी में Akhilesh Yadav ने एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लगातार कई मुद्दों को उठाते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव में बदलाव की अपील की।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि उनकी रैली को लेकर इतनी चर्चा थी कि विरोधियों को पहले अपनी रैली आयोजित करनी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस रैली में लोग स्वेच्छा से नहीं पहुंचे, बल्कि उन्हें जबरन लाया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि “कैमरे से सच्चाई छिप नहीं सकती” और भीड़ जुटाने के लिए सरकारी तंत्र के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया।
छात्रों को रैली में लाने का आरोप
सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि एक विवादित यूनिवर्सिटी के छात्रों को रैली में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों को अगले दिन छुट्टी देने का लालच देकर बुलाया गया, जिससे यह साफ होता है कि भीड़ जुटाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए गए।
एयरपोर्ट मुद्दे पर सरकार को घेरा
एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले जिन सात एयरपोर्ट का उद्घाटन किया गया था, उनमें से छह बंद हो गए।
उन्होंने मांग की कि सरकार यह गारंटी दे कि नए एयरपोर्ट भविष्य में निजी हाथों में नहीं बेचे जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से पिछले 10 वर्षों का हिसाब भी मांगा।
PDA समाज के लिए बड़े वादे
अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) समाज के महान व्यक्तित्वों की याद में स्मारक बनाए जाएंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि 2027 का चुनाव बदलाव का बड़ा अवसर है और इसे गंवाना नहीं चाहिए।
दादरी की इस रैली में Akhilesh Yadav ने आक्रामक अंदाज में सरकार को घेरा और साफ संकेत दिया कि समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार है।