लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव का रामपुर दौरा, जो बीते दो दिनों से प्रशासन और सपा के बीच विवाद का कारण बना हुआ था, अब नए रूट के साथ तय हो गया है.
संशोधित कार्यक्रम जारी — बरेली से हेलीकॉप्टर से जाएंगे रामपुर
ताज़ा जानकारी के मुताबिक, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अब प्राइवेट वायुयान से बरेली एयरपोर्ट पहुंचेंगे. वहां से वे हेलीकॉप्टर के जरिए रामपुर रवाना होंगे और दोपहर 12 बजे रामपुर जौहर विश्वविद्यालय के हेलीपैड पर उतरेंगे. इसके बाद अखिलेश यादव कार द्वारा आज़म खान के आवास पहुंचकर अपने पुराने सहयोगी से मुलाकात करेंगे.
यह संशोधित कार्यक्रम सपा और प्रशासन के बीच जारी गतिरोध के बाद तैयार हुआ है. पार्टी पहले दिन से ही इस बात पर अड़ी थी कि अखिलेश बरेली के रास्ते ही रामपुर जाएंगे, जबकि प्रशासन उन्हें मुरादाबाद के रूट से भेजना चाहती थी.
बरेली हिंसा और सियासी तनाव की पृष्ठभूमि
इस पूरे विवाद की जड़ बरेली में हुई हालिया हिंसक झड़पों में है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बरेली के रास्ते इसलिए जाने की योजना बनाई थी ताकि वे हिंसा प्रभावित लोगों से भी मिल सकें. यही कारण था कि प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए बरेली मार्ग से उनके गुजरने पर एतराज जताया था. इससे पहले सपा के एक प्रतिनिधिमंडल को बरेली में रोक दिया गया था, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) के पंचायत प्रकोष्ठ अध्यक्ष विनय सिंह को भी लखनऊ में हाउस अरेस्ट कर लिया गया था.
आज़म खान से मुलाकात के सियासी मायने
अखिलेश यादव का यह दौरा केवल संवेदना जताने भर का नहीं है, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक अर्थ भी हैं. आज़म खान 23 महीने बाद जेल से रिहा हुए हैं और यह मुलाकात सपा की एकजुटता का प्रतीक मानी जा रही है. हालांकि सियासी गलियारों में चर्चा है कि आज़म खान बसपा से नज़दीकियां बढ़ा सकते हैं, ऐसे में अखिलेश का यह कदम पार्टी में एकता का संदेश देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.
कांशीराम की पुण्यतिथि से एक दिन पहले हो रही यह मुलाकात सपा की दिशा और पार्टी की एकजुटता को लेकर भी बड़ा संकेत दे सकती है.