लखनऊ, 20 सितंबर 2025 समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखे सवाल दागे. प्रेस वार्ता में उनके साथ सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री प्रो. अभिषेक मिश्रा और पार्टी प्रवक्ता नावेद सिद्दीकी भी मौजूद रहे.
अखिलेश यादव ने सरकार के “डबल इंजन” मॉडल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि छुट्टा जानवर और अन्ना पशुओं की समस्या पर प्रधानमंत्री से आश्वासन दिलवाया गया. लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि गौशालाओं में भी बड़े पैमाने पर गायों की मृत्यु हो रही है और सरकार इसे रोकने में विफल रही है.
बजट साफ हो गया, लेकिन नदियां नहीं
अखिलेश यादव ने पर्यावरण और विकास से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, “बजट साफ हो गया लेकिन नदियां साफ नहीं हुईं. हिमालय को बचाने की बात सबसे पहले समाजवादियों ने की थी. लेकिन अब डायनामाइट लगाकर वहां सड़कें बनाई जा रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरणीय विनाश के नाम पर विकास का दिखावा किया जा रहा है. जो दीर्घकाल में नुकसानदेह होगा.
अदिवासियों और PDA परिवारों के साथ भेदभाव
सपा प्रमुख ने प्रदेश में आदिवासी समुदाय और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के साथ हो रहे कथित भेदभाव का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि इन समुदायों के अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है और सरकारी योजनाओं में इन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है.
तालाबों पर इमारतें, युवाओं का भविष्य खतरे में
लखनऊ शहर में हो रहे अतिक्रमण को लेकर भी अखिलेश ने भाजपा सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जबसे भाजपा सत्ता में आई है. शहर के तालाबों को पाटकर वहां इमारतें खड़ी कर दी गई हैं. जिससे प्राकृतिक जल स्रोत खत्म होते जा रहे हैं. प्रवासी भारतीयों और विदेश में काम करने वाले युवाओं के मुद्दे पर उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार को जवाब देना चाहिए कि जब H1 वीजा नहीं मिल रहा है. तो इन युवाओं के भविष्य का क्या होगा?