सियासी

‘नई योजना से नहीं चलेगा गरीब का घर’— मनरेगा खत्म करने के फैसले पर अजय राय का राष्ट्रव्यापी आंदोलन ऐलान

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने केंद्र सरकार पर ग्रामीण रोजगार गारंटी को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए बड़े पैमाने पर विरोध का ऐलान किया है। रविवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त करने और उसकी जगह नई योजना लाने के फैसले के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन और उपवास रखेंगे।

मनरेगा विरोध में उपवास और प्रदर्शन

अजय राय ने कहा, “पूरे देश में हमारे कांग्रेस कार्यकर्ता महात्मा गांधी और भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं के नीचे विरोध प्रदर्शन करेंगे और उपवास रखेंगे। वे मनरेगा को खत्म करने और उसकी जगह ‘जी राम जी’ (VB-G RAM G) योजना लाने के लिए सरकार का विरोध करेंगे। आज हम सभी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे, उपवास रखेंगे और इन कामों के खिलाफ अपनी आवाज उठाएंगे।”

उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार का यह कदम गरीब परिवारों की रोजी-रोटी पर सीधा असर डालेगा। मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिनों का रोजगार गारंटी देती थी, लेकिन नई योजना इसे प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर पाएगी। राय ने आरोप लगाया कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं को कमजोर कर रही है और मजदूरों तथा हाशिए पर पड़े वर्गों के अधिकारों पर हमला कर रही है। कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीकों से सड़कों पर आंदोलन जारी रखेगी।

गांधी और अंबेडकर की प्रतिमाओं के सामने विरोध का महत्व

अजय राय ने बताया कि महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. अंबेडकर सामाजिक न्याय, समानता और गरीबों के अधिकारों के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमाओं के सामने उपवास और मौन विरोध गरीबों के लिए बनी योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से खत्म करने के खिलाफ राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने के लिए है।

प्रियंका गांधी की भूमिका पर अजय राय की प्रतिक्रिया

प्रियंका गांधी वाड्रा को असम कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरपर्सन बनाए जाने पर अजय राय ने कहा, “इसमें कोई शक नहीं कि वह पूरे देश की मास लीडर हैं। उनकी मौजूदगी और असर हर जगह दिखेगा – चाहे वह उत्तर प्रदेश हो, बंगाल हो, असम हो या केरल हो।” उन्होंने भरोसा जताया कि प्रियंका गांधी की भूमिका आने वाले चुनावों से पहले पार्टी के संगठनात्मक प्रयासों को मजबूत करेगी।

राय ने कहा कि प्रियंका गांधी की राजनीतिक गतिविधियों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से जुड़ाव ने पूरे राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है। उनकी लीडरशिप कई इलाकों में पार्टी को फिर से बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

news desk

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