लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग अब तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में बुलंदशहर में बुधवार को अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए हाईकोर्ट बेंच की आवश्यकता को लेकर आवाज बुलंद की।
हाईकोर्ट बेंच की मांग के समर्थन में बाजार बंद रखा गया। अधिवक्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया।
गौरतलब है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के अधिवक्ताओं ने बुधवार को बंद का ऐलान किया है। बुलंदशहर सहित इन सभी जिलों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहकर प्रदर्शन कर रहे हैं।डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह राघव और महासचिव अमित चौहान ने कहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से हाईकोर्ट खंडपीठ की मांग को सरकार लगातार नजरअंदाज कर रही है। उनका कहना है कि यह मांग किसी एक जिले या वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे वेस्ट यूपी की जनता की न्यायिक परेशानियों से जुड़ी है।
सुमन कुमार सिंह राघव ने बताया कि बुलंदशहर, संभल, आगरा, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और मुरादाबाद जैसे जिलों के लोग इलाहाबाद हाईकोर्ट जाकर मुकदमे लड़ने और सुनवाई में पेश होने में काफी कठिनाइयों का सामना करते हैं।
अधिवक्ताओं के प्रदर्शन में व्यापारी और सामाजिक संगठन के लोग भी शामिल हुए और उन्होंने इस बंद का समर्थन किया। अधिवक्ताओं ने पहले जिलाधिकारी कार्यालय (डीएम) को ज्ञापन सौंपा और फिर जुलूस की शक्ल में कालाआम चौराहे से होते हुए नगर में प्रदर्शन किया। हाईकोर्ट बेंच की मांग के समर्थन में व्यापारियों ने भी बाजार बंद रखा।