प्रयागराज महाकुंभ 2025 में अपनी फर्राटेदार अंग्रेजी और IIT बैकग्राउंड से रातों-रात मशहूर हुए अभय सिंह जिनको सब महाकुंभ से IIT बाबा के नाम से जानते आए है वो एक बार फिर सुर्खियों में हैं। संन्यास और अखाड़े की परंपराओं को पीछे छोड़ते हुए अभय सिंह ने अब गृहस्थ जीवन में कदम रख दिया है। उन्होंने बेंगलुरु की एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, प्रतीका के साथ कोर्ट मैरिज कर जीवन का नया अध्याय शुरू किया है।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई थी ‘लव स्टोरी’
रिपोर्ट्स के अनुसार, अभय और प्रतीका की कहानी की शुरुआत किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। प्रतीका, जो बेंगलुरु में एक बड़ी MNC में काम करती है, अभय के विचारों से प्रभावित होकर उन्हें सोशल मीडिया पर मैसेज किया था। इसके बाद दोनों की पहली मुलाकात ऋषिकेश में हुई। लगभग 8 महीने के बातचीत के बाद दोनों ने शादी का फैसला किया।
क्या अभय ने छोड़ा संन्यास?
महाकुंभ के दौरान अभय सिंह को जूना अखाड़े से बाहर कर दिया गया था, जिस पर काफी विवाद भी हुआ। अब अपनी शादी पर सफाई देते हुए अभय ने कहा:
“स्त्री के बिना शिव भी अधूरे हैं। मैंने संन्यास नहीं छोड़ा है, बल्कि उसे पूर्णता दी है। साधना अकेले भी होती है और जीवनसाथी के साथ भी। अब मेरी ‘शक्ति’ मेरे साथ है।”

पत्नी प्रतीका ने छोड़ा कॉर्पोरेट करियर
प्रतीका ने बताया कि वे शुरू से ही एक ऐसे जीवनसाथी की तलाश में थीं जो केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक गहराई भी रखता हो। अभय के विजन को सहारा देने के लिए उन्होंने बेंगलुरु की लग्जरी लाइफ छोड़ दी है और अब वे हिमाचल प्रदेश में अभय के साथ मिलकर उनके सामाजिक कार्यों में हाथ बटाएंगी।