बहादुरगढ़ (हरियाणा)। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का ताजा मामला सोमवार तड़के हरियाणा के बहादुरगढ़ से सामने आया। 42 वर्षीय महिला, जो उत्तर प्रदेश की निवासी हैं, सुनसान सड़क किनारे एक ढाबे में कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई।
पीड़िता अपने चाचा के साथ नौकरी की तलाश में दिल्ली एनसीआर आई थीं। घटना 12 जनवरी की रात लगभग 2 बजे पंडित श्रीराम शर्मा मेट्रो स्टेशन के पास हुई। पांच अज्ञात पुरुषों ने उनका पीछा किया और उन्हें परिवार से अलग कर सुनसान ढाबे की ओर ले गए, जो मेट्रो स्टेशन से केवल 100 मीटर दूर था।
शुरुआत में महिला ने पुलिस को बताया कि कुछ सामान चोरी हुआ है, लेकिन पूरी घटना का सच तब सामने आया जब पुलिस ने ढाबे का DVR और आसपास के CCTV फुटेज देखा। महिला के बाद के विस्तृत बयान और उनके चाचा द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत ने जांच की दिशा तय की।
पुलिस ने पाया कि आरोपियों ने अपराध से पहले पास की शराब की दुकान से शराब खरीदी थी। डिजिटल लेन-देन और CCTV फुटेज के जरिए पुलिस टीम ने आरोपियों की पहचान की।
घटना के सिर्फ आठ घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये सभी मूल रूप से बिहार के निवासी हैं और बहादुरगढ़ के छोटू रामनगर में किराए पर रहते थे। एक आरोपी अब भी फरार है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
कमिश्नर राजश्री सिंह ने कहा, “महिलाओं के खिलाफ अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। हम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
यह घटना केवल बहादुरगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए सावधानी और सुरक्षा पर ध्यान देने की चेतावनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक जगहों की निगरानी, महिलाओं की सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक जांच की अहमियत अब और बढ़ गई है।