पिछले 24 घंटों के भीतर देश के दो अलग-अलग हिस्सों से विमान हादसों की खबरें सामने आई हैं। जहाँ अंडमान सागर में एक हेलिकॉप्टर की आपातकालीन लैंडिंग के बाद ‘चमत्कारिक’ रूप से सभी 7 लोगों को बचा लिया गया, वहीं झारखंड के चतरा में हुआ एयर एम्बुलेंस हादसा बेहद दर्दनाक रहा, जिसमें सवार सभी लोगों की जान चली गई।
पायलट की सूझबूझ से बची 7 जानें
मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में “पवन हंस” का एक हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के बाद समुद्र में गिर गया। हेलिकॉप्टर ने सुबह 8:45 बजे श्री विजया पुरम (पोर्ट ब्लेयर) से मायाबंदर के लिए उड़ान भरी थी। बीच रास्ते में ही पायलट को इंजन या किसी तकनीकी हिस्से में खराबी का आभास हुआ। घने जंगलों या अनियंत्रित होकर गिरने के बजाय, पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलिकॉप्टर की समुद्र के पानी पर ‘क्रैश लैंडिंग’ कराई।

हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमें सक्रिय हुईं और हेलिकॉप्टर में सवार सभी 7 लोगों 5 यात्री और 2 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है, जहाँ उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
एयर एम्बुलेंस हादसे में कोई नहीं बचा
अंडमान की घटना से ठीक एक दिन पहले, सोमवार (23 फरवरी) की शाम झारखंड के चतरा जिले में एक बड़ा हादसा हुआ। रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस (Beechcraft C90) सिमरिया के जंगलों में क्रैश हो गई।

इस विमान में एक गंभीर रूप से झुलसा हुआ मरीज, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और दो पायलट समेत कुल 7 लोग सवार थे। इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान ने शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी थी। रात लगभग 7:34 बजे इसका एटीसी (ATC) से संपर्क टूट गया। बताया जा रहा है कि उस वक्त मौसम बेहद खराब था और भारी बारिश व गरज-चमक हो रही थी, जिसे हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।