Trending News

फरारी के दौरान इंटरनेट का हाई-टेक खेल! पुलिस की आँखों में धूल झोंकने वाली श्रद्धा दुबे नागपुर में कैसे हुई बेनकाब?

लखनऊ। कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद फरारी के दौरान अपनाए गए तरीकों को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।

पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा अपनी बहन रश्मि और चालक दानिश के साथ लगातार ठिकाने बदल रही थी। नेपाल जाने से लेकर नागपुर पहुंचने तक उसने कथित तौर पर अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने की कोशिश की। जांच में कैब चालकों के मोबाइल से इंटरनेट कनेक्शन इस्तेमाल करने का सुराग भी अहम साबित हुआ।

नागपुर से गिरफ्तार किए जाने के बाद स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) श्रद्धा दुबे, रश्मि और दानिश को लखनऊ लेकर पहुंची। श्रद्धा को हजरतगंज कोतवाली में रखा गया है। पुलिस की ओर से तीनों की मेडिकल जांच कराने और अदालत में पेश करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई है।

KGMU से निकलने के बाद शुरू हुई ठिकाने बदलने की कवायद

पुलिस के मुताबिक, 9 अक्टूबर को शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा अपनी बहन रश्मि और चालक दानिश के साथ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पहुंची थी। वहां से निकलने के बाद तीनों ने कथित तौर पर अपने ठिकाने बदलने शुरू कर दिए।

जांच के अनुसार, वे सीतापुर, महमूदाबाद और बहराइच होते हुए रुपईडीहा सीमा के रास्ते नेपाल पहुंचे। नेपाल के बुटवल में बिना पहचान पत्र वाले होटल में ठहरने की जानकारी सामने आई, लेकिन पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही वे वहां से निकल गए। इसके बाद भी अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदलने का सिलसिला जारी रहा।

पुलिस के मुताबिक, करीब 16 अक्टूबर के आसपास भारत लौटने के बाद भी आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहे, जिससे जांच टीम को उनकी तलाश में कई जगहों पर दबिश देनी पड़ी।

मोबाइल से सिम निकाला, फिर भी इंटरनेट बना पुलिस के लिए सुराग

फरारी के दौरान श्रद्धा और उसके साथियों ने मोबाइल फोन से सिम कार्ड निकाल दिए थे। माना जा रहा है कि ऐसा मोबाइल लोकेशन के जरिए उनकी गतिविधियों का पता लगाने से बचने के लिए किया गया था।

हालांकि, जांच टीम को कुछ समय बाद मोबाइल उपकरणों पर इंटरनेट सक्रिय होने के संकेत मिले। पुलिस ने आईपी एड्रेस के आधार पर कनेक्शन की पड़ताल शुरू की, लेकिन संभावित लोकेशन पर पहुंचने के बाद कई बार पता चला कि इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल कोई रिक्शा चालक या कैब चालक कर रहा था।

जांच के मुताबिक, आरोपी सफर के दौरान संबंधित वाहन के चालक के मोबाइल से इंटरनेट कनेक्शन लेते थे। इससे डिजिटल सुराग और वास्तविक ठिकाने के बीच अंतर पैदा हो रहा था। पुलिस को यह पता लगाने में मुश्किल हुई कि कनेक्शन का इस्तेमाल वास्तव में कौन कर रहा था।

नेपाल से लौटने के बाद बदला हुलिया, रायबरेली से आगरा की ओर निकली

पुलिस के अनुसार, भारत लौटते समय श्रद्धा ने कथित तौर पर पहचान छिपाने के लिए महराजगंज के भगवानपुर बॉर्डर पर बुर्का पहना था। बताया गया कि उसने अपना ट्रॉली बैग एक स्थानीय चालक को दिया और कपड़े के झोले खरीदे।

इसके बाद वह किराये की गाड़ी से नौतनवा होते हुए रायबरेली पहुंची। वहां कुछ घंटे रुकने के बाद दूसरी टैक्सी से आगरा की ओर रवाना हो गई। इस दौरान पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थीं, लेकिन जांच के अनुसार, आरोपी टीम के पहुंचने से पहले ही वहां से निकल जाते थे।

कैब चालक के मोबाइल से मिला नागपुर तक पहुंचने का सुराग

इस मामले में कैब चालक के मोबाइल से मिले इंटरनेट कनेक्शन ने जांच को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। रिपोर्ट के मुताबिक, फतेहपुर में मिले लोकेशन संबंधी सुराग के बाद प्रयागराज एसटीएफ भी सक्रिय हुई। इसके बाद जांच टीम ने अलग-अलग कड़ियों को जोड़ते हुए नागपुर तक पहुंच बनाई।

बताया गया है कि 20 अक्टूबर को नागपुर पुलिस ने श्रद्धा दुबे, रश्मि और दानिश को गिरफ्तार किया। कैब चालक से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस श्रद्धा के फ्लैट तक पहुंची।

जुल्फिकार बेहलिम और मोहसिन की भूमिका भी जांच के दायरे में

सूत्रों के मुताबिक, जुल्फिकार बेहलिम और मोहसिन पर श्रद्धा को नागपुर में संरक्षण देने के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि दोनों के कथित आपराधिक नेटवर्क पर कारोबारियों से रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप हैं। अगस्त में उनके खिलाफ मकोका लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

जांच एजेंसियां मादक पदार्थों और सोने की तस्करी से जुड़े कथित नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में संबंधित आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है।

अब जांच का अहम सवाल यह है कि शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा दुबे की क्या भूमिका थी, फरारी के दौरान उसे किसने मदद पहुंचाई और नागपुर में उसके संपर्क किन लोगों से थे। इन सवालों के जवाब पुलिस की पूछताछ और आगे की जांच से सामने आने की उम्मीद है।

news desk

Recent Posts

करवा चौथ 2026: चांद के दीदार के लिए क्यों जरूरी है ‘छलनी’? जानिए इसके पीछे छिपा पौराणिक राज और अनोखा धार्मिक कारण

नवरात्र और विजयादशमी के पावन पर्व के समापन के बाद अब देशभर में सुहागिन महिलाएं…

25 minutes ago

रणबीर कपूर की ‘रामायण’ देखने के लिए करना होगा ‘पे-पर-व्यू’ का भुगतान, जानिए क्या है मेकर्स का यह नया प्लान!

नितेश तिवारी के निर्देशन और रणबीर कपूर स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' को लेकर…

38 minutes ago

‘मूर्खचंद यादव’ और ‘‘राम ने मारा यादव को’! वोटर लिस्ट के अजीब नामों ने खड़े किए बड़े सवाल

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों पर होने वाले मतदान से ठीक…

2 hours ago

सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर किया डेब्यू, किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ की दिखाई पहली झलक

नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी…

2 hours ago

IND vs NZ 1st T20: हैगली ओवल में बल्लेबाज मचाएंगे धमाल या गेंदबाज बरपाएंगे कहर? जानें पिच रिपोर्ट और हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 मुकाबले में एक बार फिर रोमांचक क्रिकेट देखने को…

3 hours ago