इथियोपिया में 12,000 साल बाद ज्वालामुखी फटने से कई देशों में हड़कंप मच गया है, और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है. दरअसल, इसके राख के बादल भारत की ओर बढ़ने की खबर ने लोगों में दहशत फैला दी है. इतना ही नहीं, DGCA ने उड़ानों को लेकर बड़ा कदम उठाया है और इस संबंध में आपातकालीन एडवाइजरी जारी की है.
इसके परिणामस्वरूप दिल्ली, जयपुर समेत कई शहरों में हवाई यातायात प्रभावित हुआ है. जानकारी के मुताबिक, इस राख के बादल के कारण आसमान में हलचल देखने को मिली और विजिबिलिटी कम हुई है.
ऐसे में यात्रियों को अलर्ट किया गया है.”इस पूरी घटना के कारण उन लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है या किसी प्रकार की श्वसन संबंधी बीमारी है.”पायलटों से कहा गया कि वे इंजन के किसी भी अजीब व्यवहार या केबिन की गंध की तुरंत रिपोर्ट करें, जबकि डिस्पैच टीमों को रात भर NOTAMs, ASHTAMs और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है.
दूसरी ओर, भारतीय मौसम विज्ञान एजेंसी इंडियामेटस्काई ने इस पूरे मामले पर ताजा अपडेट दिया है. उसने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए लिखा कि इंडोनेशिया के किसी सक्रिय ज्वालामुखी से निकला ऐश प्लम (राख का बादल) अब ओमान और अरब सागर क्षेत्र से होते हुए उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रहा है.
यह प्लम मुख्य रूप से सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) गैस से भरा हुआ है, जबकि ज्वालामुखी की राख की मात्रा कम से मध्यम स्तर की है. इंडियामेटस्काई ने आगे बताया कि इस बादल का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह वायुमंडल के मध्य स्तर (मिड-लेवल एटमॉस्फियर) में है और जमीन की सतह तक नहीं पहुंच रहा.