लखनऊ. सहारा इंडिया के उप प्रबंध निदेशक ओ.पी. श्रीवास्तव को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 1.79 लाख करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार कर लिया है.
यह मामला अत्यंत हाई-प्रोफाइल माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि सुब्रत रॉय के निधन के बाद गुप्त संपत्तियों की बिक्री में संलिप्तता के संदेह में ओ.पी. श्रीवास्तव को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया.
ईडी ने आरोप लगाया है कि सहारा समूह ने विभिन्न निवेश योजनाओं का लालच देकर निवेशकों से भारी भरकम धन जुटाया, लेकिन समय आने पर उन्हें पैसा वापस नहीं किया गया.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईडी ने गुरुवार को ओ.पी. श्रीवास्तव से लंबी पूछताछ की। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया और उसी रात बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया. शुक्रवार को उन्हें ईडी की विशेष अदालत में दोबारा पेश किया जाएगा.
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि ओ.पी. श्रीवास्तव के निजी सचिव और सहारा इंडिया के अधिशासी निदेशक एस.बी. सिंह (प्रहरी) ने ‘राष्ट्रीय सहारा’ अख़बार (लखनऊ संस्करण) को खरीदने की पेशकश की थी.
ईडी अधिकारियों के अनुसार, श्रीवास्तव को पूछताछ के लिए कोलकाता स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में तलब किया गया था. इस दौरान उनसे लंबी पूछताछ की गई और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान श्रीवास्तव ने एजेंसी को गुमराह करने की कोशिश की और पोंजी फर्मों से जुड़ी धोखाधड़ी के बारे में सही और ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं कराई.
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में ईडी ने सहारा समूह की 707 एकड़ जमीन जब्त की थी। इसी कार्रवाई के दौरान ओ.पी. श्रीवास्तव का नाम सामने आया और उसके बाद वे एजेंसी की जांच के दायरे में आ गए।
ईडी का कहना है कि निवेशकों से हुई बड़ी धोखाधड़ी में श्रीवास्तव की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. अधिकारियों को उम्मीद है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद समूह के भीतर हुए अवैध लेन-देन और संपत्तियों की बिक्री से जुड़े कई राज खुल सकते हैं.