बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच गया है. आज राज्य में दूसरे और अंतिम चरण के लिए 20 ज़िलों की 122 सीटों पर वोटिंग जारी है. इस निर्णायक चरण में, लगभग 3.7 करोड़ मतदाता अपना वोट डालकर चुनावी रण में उतरे.
सुबह 7 बजे शुरू हुआ मतदान, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है. आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 1 बजे तक इन 122 सीटों पर 47.62% रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है.
वोटिंग की रफ़्तार किशनगंज (51.86%), गया टाउन (50.95%) और जमुई (50.91%) में सबसे अधिक तेज़ रही है.वहीं, मधुबनी में मतदान की गति थोड़ी धीमी रही, जहाँ 1 बजे तक केवल 43.39% वोट डाले गए थे.
इस अंतिम और निर्णायक चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार के कई मंत्रियों सहित कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. यह चरण NDA और महागठबंधन दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर मुस्लिम बहुल सीमांचल क्षेत्र सहित चंपारण, शाहाबाद और मगध के कुछ क्षेत्रों में. इन क्षेत्रों के नतीजे ही तय करेंगे कि बिहार की अगली सरकार किसकी होगी.
प्रमुख उम्मीदवार है
जिन प्रमुख उम्मीदवारों पर सभी की निगाहें टिकी हैं, उनमें गठबंधन के कई दिग्गज शामिल हैं. जनता दल यूनाइटेड (JDU) से बिजेंद्र प्रसाद यादव सुपौल सीट से मैदान में हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) से प्रेम कुमार गया टाउन से, रेनू देवी बेतिया से, और नीरज कुमार सिंह ‘बबलू’ छातापुर सीट से अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए चुनावी मैदान में हैं.
ये अंतिम चरण NDA और महागठबंधन दोनों के लिए निर्णायक माना जा रहा है. विशेष रूप से मुस्लिम बहुल सीमांचल क्षेत्र, चंपारण, शाहाबाद और मगध के कुछ क्षेत्र इस चरण में शामिल हैं.