आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले के काशीबुग्गा में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में एकादशी के दिन भारी भीड़ के भगदड़ के कारण, 10 लोगों की मौत हो गई इस घटना के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू का बयान अब सामने आया है. उन्होंने ने श्री सत्य साईं जिले में एक सभा को संबोधित करते हुए आयोजकों को दोषी ठहराया. उन्होंने कहा, “अगर प्रशासन को इतनी भीड़ की पहले से जानकारी दे दी जाती, तो पुलिस क्राउड मैनेजमेंट प्लान बना लेती. आयोजकों ने पुलिस को सूचित नहीं किया, जिससे पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं हो सकी” नायडू ने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि और घायलों के इलाज का आश्वासन दिया है.
श्रीकाकुलम जिले के (एसपी) केवी महेश्वर रेड्डी ने बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 100 के तहत मुकदमा दर्ज किया है. उन्होंने स्पष्ट किया, “मंदिरों या धार्मिक संस्थानों के लिए अनिवार्य है कि वो किसी भी कार्यक्रम के लिए पुलिस से अनुमति लें, चाहे भीड़ कितनी भी हो. जिला प्रशासन को पहले से सूचना न मिलने से यह हादसा हुआ” बचाव कार्य में स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें जुटी रहीं, लेकिन देरी के कारण कई जिंदगियां बचाई न जा सकीं.