बन्नादेवी थाना क्षेत्र के बरौला इलाके में शनिवार को अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (ADA) की टीम जब बुलडोजर लेकर पहुंची, तो वहां का नज़ारा किसी दर्दनाक दृश्य से कम नहीं था. एलमपुर आवासीय योजना के पास लगभग 10 हजार वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए चली इस कार्रवाई के दौरान करीब 80 झुग्गी-झोपड़ियों को ध्वस्त किया गया. लेकिन जैसे ही बुलडोजर ने झुग्गियों के बीच चल रहे ‘पहला कदम स्कूल’ की ओर रुख किया, बच्चे और शिक्षिका दोनों फूट-फूटकर रो पड़े.
बच्चों की आंखों में आंसू, अधिकारियों ने बढ़ाया मानवीय कदम
इस स्कूल को साहिबान फाउंडेशन द्वारा गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए शुरू किया गया था, जहां शिक्षिका गरिमा वार्ष्णेय बच्चों को पढ़ाती हैं. बुलडोजर स्कूल के कुछ हिस्से तक पहुंच चुका था, तभी मासूम बच्चों के रोने की आवाज़ें सुनकर ADA अधिकारियों का दिल पिघल गया. भावनात्मक माहौल देखकर अधिकारियों ने तुरंत निर्णय लिया कि स्कूल को तोड़ा नहीं जाएगा, बल्कि उसे शिफ्ट करने के लिए दो दिन का समय दिया जाएगा.
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें मासूम बच्चों के आंसू और शिक्षिका की बेबसी लोगों के दिल को छू रही है. स्थानीय लोग प्रशासन से इस मानवीय फैसले को स्थायी समाधान में बदलने की मांग कर रहे हैं.