प्रो कबड्डी लीग (PKL) का 12वां सीज़न एक ऐसे फ़ाइनल के साथ ख़त्म हुआ, जिसे शायद ही कोई भूल पाए. शुक्रवार की रात त्यागराज स्टेडियम में दबंग दिल्ली के.सी. (Dabang Delhi K.C.) ने अपनी दबंगई का असली जलवा दिखाया और पुणेरी पलटन (Puneri Paltan) के जबड़े से जीत छीन ली. स्कोर रहा 31-28.
इस जीत ने दिल्ली को यू मुम्बा के बाद अपने ही होम ग्राउंड पर ट्रॉफी उठाने वाली दूसरी टीम बना दिया, जिससे दिल्ली के फ़ैंस का उत्साह आसमान छू गया. 25-25 पर साँसें अटकीं मैच की शुरुआत में दिल्ली ने नीरज नरवाल और अजिंक्य पवार की तूफानी रेडिंग से पुणे को ऑल-आउट कर दिया, और हाफ टाइम तक 20-14 की बढ़त बना ली.
पुणेरी पलटन का पलटवार. ऐसा लगा कि पुणेरी पलटन ने हार मान ली है, लेकिन ब्रेक के बाद आदित्य शिंदे (Super 10) ने गज़ब की वापसी कराई. उनके एक के बाद एक सफल रेड ने दिल्ली की बढ़त को ख़त्म किया, और स्कोर 25-25 पर बराबर हो गया.
स्टेडियम में तनाव का माहौल बना. दिल्ली दबंग का ‘Final Punch’ तब लगा जब मैच किसी भी टीम के पाले में जा सकता था, तब कप्तान आशु मलिक ने बोनस अंक लेकर टीम को आगे किया. खेल का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब ‘टैकल मशीन’ फज़ल अत्राचली ने आदित्य शिंदे को झपता, और दिल्ली की जीत पर मुहर लगा दी.
‘हीरोज़ ऑफ द नाइट’ नीरज नरवाल फाइनल के असली हीरो बने. 9 पॉइंट बटोरकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने. फज़ल अत्राचली डिफेंस के ‘MVP’! आखिरी मिनटों में decisive टैकल कर अपनी टीम की जान बचाई. आशु मलिक कप्तान ने मुश्किल वक्त में बोनस पॉइंट लेकर टीम को प्रेशर से बाहर निकाला.
इस जीत के साथ दबंग दिल्ली ने ₹3 करोड़ रुपये की शानदार पुरस्कार राशि अपने नाम की, जबकि उपविजेता पुणेरी पलटन को ₹1.8 करोड़ रुपये मिले. दबंग दिल्ली अब PKL के इतिहास में दो बार खिताब जीतने वाली तीसरी सबसे बड़ी टीम बन गई है