भाई दूज का पर्व हम सबके लिए बहुत खास होता है, चलिए जानते हैं इसे मनाने का सही तरीका और मुहूर्त.
यह त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है, बहन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और समृद्धि की कामना करती है.
भाई दूज तिलक मुहूर्त 1:12 बजे से 3:28 बजे तक द्वितीया तिथि, 22 अक्टूबर सुबह 7:16 बजे से 23 अक्टूबर सुबह 9:16 बजे तक है.
भाई दूज के दिन प्रातः स्नान करें, रक्षासूत्र बांधकर आरती करें, कुमकुम और अक्षत से तिलक लगाएं.
घर के पवित्र स्थान पर चावल के आटे से चौक (रंगोली) बनाएं, इसके ऊपर लकड़ी की चौकी रखें, जहां भाई को बैठाना शुभ माना जाता है.
भाई को मिठाई खिलाना और बहन को उपहार देना भी शुभ माना जाता है, यह आदान-प्रदान प्रेम और स्नेह का प्रतीक है, जो भगवान को प्रिय होता है.