लखनऊ : राजधानी में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर एक महिला ने सवाल उठाया है. गोमती नगर क्षेत्र में हुई चोरी के एक मामले ने लखनऊ पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं. एक पीड़िता का आरोप है कि ‘पुलिस ने जो जेवर बरामद बताकर लौटाए, वो सब नकली निकले — जबकि उसके असली सोने और हीरे के लाखों रुपये के गहने अब तक गायब हैं’.
क्या है पूरा मामला?
गोमती नगर निवासी नेलोफर हसन 1 अगस्त 2025 को अपनी बहन के इलाज के लिए यूके गई हुई थीं. इसी बीच उनके घर में चोरी हो गई. चोर करीब 30 से 40 लाख रुपये के जेवर और अन्य सामान लेकर फरार हो गए. पड़ोसी से सूचना मिलने पर नेलोफर ने थाने में लिखित शिकायत भेजी.
नेलोफर ने लगाये पुलिस पर गंभीर आरोप !
नेलोफर के मुताबिक 7 अगस्त को उसके दोस्तों को पुलिस की ओर से फोन आया कि “जेवर बरामद हो गए हैं, आकर ले लें.” लेकिन नेलोफर का कहना है कि ‘जब वापस लौटीं और पुलिस थाने पहुंचीं तो उन्हें सिर्फ सस्ते, नकली गहने सौंपे गए.
जब उन्होंने असली सोने-हीरे के जेवरों के बारे में पूछा तो जवाब मिला — “हमें तो सिर्फ इतना ही मिला है.’
नेलोफर का सीधा आरोप है कि ‘या तो पुलिस ने असली गहने गायब कर दिए, या फिर जांच में भारी लापरवाही बरती गई’.
“अब तो सिस्टम ही असुरक्षित लगता है” –पीड़िता
नेलोफर ने भावुक होकर कहा: “मुझे लगा था मेरा घर सुरक्षित है… पर अब ऐसा लग रहा है कि पुलिस ही भरोसे के लायक नहीं. मेरा आवेदन तक नजरअंदाज कर दिया गया. मेरे असली गहने कहां गए — इसका जवाब कौन देगा?”
क्या पुलिस असली चोर पकड़ पाएगी — या फाइल बंद हो जाएगी?
पीड़िता ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि उनके गहने वापस मिल सकें और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो.