नई दिल्ली/गुरुग्राम: नेपाल से आकर भारत में अपराध की दुनिया में खौफ का दूसरा नाम बन चुका कुख्यात अपराधी भीम बहादुर जोरा, आखिरकार सोमवार की रात एक मुठभेड़ में मारा गया. दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दक्षिणी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में यह मुठभेड़ हुई, जिसमें जोरा को गोली लगने के बाद एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
कैसे हुआ एनकाउंटर?
पुलिस के मुताबिक, सोमवार की रात लगभग 12:20 बजे भीम जोरा की मौजूदगी की सूचना मिलने पर एक विशेष टीम ने इलाके को घेर लिया. मौके पर पुलिस ने जोरा को सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने लगातार फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं. कुल मिलाकर जोरा ने 6 राउंड फायर किए जबकि पुलिस ने 5 राउंड में जवाब दिया. इस मुठभेड़ में जोरा की एक गोली इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा के बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे वह बाल-बाल बच गए. पुलिस को जोरा के पास से एक आधुनिक ऑटोमैटिक पिस्टल, कुछ जिंदा कारतूस और एक बैग, जिसमें ताले तोड़ने व चोरी करने के औजार थे, बरामद हुए हैं. उसके एक साथी को मुठभेड़ के दौरान भागने में सफलता मिल गई, जिसकी तलाश अब जारी है.
कौन था भीम जोरा?
भीम जोरा, नेपाली मूल का व्यक्ति था, जिसने भारत में अपराध की लंबी फेहरिस्त खड़ी कर दी थी. उस पर हत्या, डकैती, लूट और चोरी जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में कई मुकदमे दर्ज थे. वह सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि गुजरात और बेंगलुरु में भी वारदातों को अंजाम दे चुका था. सबसे चर्चित मामला वर्ष 2024 में दिल्ली के जंगपुरा इलाके में हुआ था, जहां उसने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर डॉक्टर योगेश चंद्र पॉल के घर डकैती की और डॉक्टर की हत्या कर दी थी. इस केस में चार आरोपियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी थी, लेकिन जोरा फरार था. इस हत्याकांड में दिल्ली पुलिस ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.
गुरुग्राम में 22 लाख की बड़ी चोरी
हाल ही में 2 अक्टूबर 2025 को जोरा ने गुरुग्राम के सेक्टर 49 स्थित ओर्किड पेटल सोसाइटी के विला नंबर 3 में भाजपा महरौली जिला अध्यक्ष ममता भारद्वाज के घर में 22 लाख रुपये की चोरी की थी. इस वारदात को उसने घरेलू नौकर युवराज थापा की मदद से अंजाम दिया था, जिसे पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर लिया था.
पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी
जोरा की मौत को दिल्ली और हरियाणा पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है. वर्षों से फरार चल रहा यह अपराधी न सिर्फ कई जिंदगियों को तबाह कर चुका था, बल्कि समाज में डर का माहौल भी बना रखा था. उसकी मौत से आम लोगों ने राहत की सांस ली है. अब पुलिस उसके फरार साथी की तलाश में जुट गई है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही गिरोह के बचे हुए सदस्य भी सलाखों के पीछे होंगे.