जन्माष्टमी का दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष जन्माष्टमी का पावन पर्व 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की मध्यरात्रि को भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में आठवाँ अवतार लिया था।
इस दिन भक्त पूरे दिन उपवास (व्रत) रखते हैं और रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय उनकी पूजा-अर्चना करके व्रत खोलते हैं।
भगवान के बाल स्वरूप (लड्डू गोपाल) को पालने या झूले में बिठाकर झुलाया जाता है, जो उनके प्रति भक्तों के प्रेम और वात्सल्य को दर्शाता है।
इस अवसर पर मंदिरों और घरों को सजाया जाता है, भजन-कीर्तन किए जाते हैं और दही-हांडी जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इस वर्ष जन्माष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 4 सितंबर की रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक रहेगा।
जन्माष्टमी व्रत के पारण का समय अगले दिन यानी 5 सितंबर 2026 को सुबह 06:01 बजे के बाद है।