मध्य प्रदेश के दतिया में एक ऐसा मंदिर है, जहां सिर्फ विधवा महिलाएं ही दर्शन के लिए जा सकती हैं।

मां धूमावती मंदिर में विराजमान देवी को माता पार्वती का विधवा या धूम्रवर्ण (धुएं जैसा) स्वरूप माना जाता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार माता ने अपने पति यानी भगवान शिव को थोड़ी देर के लिए निगल लिया था। इसी वजह से उन्हें विधवा स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि इसी कारण विवाहित महिलाएं इस स्वरूप के दर्शन नहीं करती हैं।

यह मंदिर आम दिनों में बंद रहता है और सप्ताह में सिर्फ शनिवार को सुबह 7 बजे से 9 बजे तक और शाम मे 5 बजे से 8 बजे तक खोला जाता है।

अन्य देवी मंदिरों के विपरीत, मां धूमावती को प्याज और मिर्च के पकौड़ों का भोग लगाया जाता है।