नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली समेत पूरा उत्तर और मध्य भारत इस समय सूरज की भीषण तपिश से झुलस रहा है। दोपहर होते ही सड़कें भट्टी की तरह तपने लगती हैं और पारा 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच डोल रहा है। इस हाहाकार के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने थका देने वाली गर्मी से परेशान लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और सुकून देने वाली खुशखबरी दी है।
तपती धरती को शांत करने के लिए दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (South-West Monsoon) इस बार अपनी सामान्य रफ्तार से कहीं तेजी से आगे बढ़ रहा है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में समय से पहले दस्तक देने के बाद मॉनसून अब बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों को भिगोते हुए मुख्य भूमि की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
केरल में 26 मई को एंट्री, श्रीलंका को कर चुका है पार
मौसम वैज्ञानिकों के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मॉनसून ने श्रीलंका को पार कर लिया है, जहां से इसकी दिशा और गति को और रफ्तार मिल रही है। आमतौर पर भारत की मुख्य भूमि यानी केरल में मॉनसून 1 जून के आसपास दस्तक देता है, लेकिन इस बार यह 5 दिन पहले यानी 26 मई 2026 को ही केरल के तटों से टकरा सकता है। केरल में एंट्री के साथ ही देश में आधिकारिक तौर पर मॉनसून के सीजन की शुरुआत हो जाएगी।
अगले 7 दिन संभल कर रहें; इन राज्यों में ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट
भले ही मॉनसून तेजी से आ रहा है, लेकिन मैदानी इलाकों को अभी कुछ दिन और ‘अग्निपरीक्षा’ देनी होगी। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों के लिए उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड, उत्तरी मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में भीषण लू (Heatwave) का रेड अलर्ट जारी किया है।
राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां आज पारा 47°C को छू सकता है, जिसके चलते IMD ने अगले 7 दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में भी अगले एक हफ्ते तक गर्म पछुआ हवाओं और लू का प्रकोप ऐसा ही बना रहेगा।
डॉक्टर्स की सलाह: जब तक मॉनसून की बारिश मैदानी इलाकों को ठंडा नहीं कर देती, तब तक लू से बचना बेहद जरूरी है। दोपहर के वक्त बेवजह घरों से बाहर न निकलें, ढीले सूती कपड़े पहनें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।