अगर आप सोच रहे हैं कि बेंगलुरु में ट्रैफिक ही आपका टाइम खराब करता है, तो आप गलत हैं। यहाँ के ‘Hyper-Competitive’ रेंटल मार्केट ने लोगों की रातों की नींद हराम कर रखी है। हाल ही में एक इंस्टाग्राम यूजर @namma_rants का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उनकी एक छोटी सी “सोचने की मोहलत” ने उनके सपनों का घर छीन लिया।
क्या है पुरा मामला ?
एक महिला पिछले 30 दिनों से बेंगलुरु की गलियों में एक छत की तलाश में थी। किस्मत चमकी और उन्हें गरुड़ाचारपाल्या में एक 1BHK का घर मिल गया। घर एकदम ‘Pinterest’ वाला था, फुली फर्निश्ड और चकाचक था।
महिला ने बताया, कि उन्होंने मकान मालिक की लगभग सभी शर्तें मान ली थीं और डील फाइनल करने के लिए सिर्फ 1 घंटे का समय मांगा| उन्हें क्या पता था कि बेंगलुरु में डेढ़ घंटा किसी सदी से कम नहीं होता? जब तक उन्होंने ‘हाँ’ कहने के लिए फोन उठाया, तब तक मकान मालिक ने किसी और के साथ Rent Agreement पक्का कर लिया था।

“ब्रेकअप से ज्यादा दर्द होता है…”
महिला ने अपना दुख शेयर करते हुए कहा कि “बेंगलुरु में एक अच्छा फ्लैट खोना, किसी सीरियस रिलेशनशिप के टूटने से भी ज्यादा पेनफुल है”।
आगे ये भी कहा कि यह लाइन आज के दौर के बेंगलुरु किरायेदारों की नई रियलिटी बन चुकी है। यहाँ फ्लैट्स के लिए अब ‘First Come, First Served’ वाला हिसाब भी पुराना हो गया है; अब यहाँ मुकाबला सेकंड्स का है।
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आजकल का रेंटल मार्केट: एक ‘क्रेजी’ वॉर ज़ोन
यह कोई पहली बार नहीं है जब बेंगलुरु के रेंटल मार्केट ने लोगों को चौंकाया हो। यहाँ घर पाने के लिए आपको ये सब झेलना पड़ सकता है:
• इंटरव्यू राउंड्स: मकान मालिक अब किरायेदारों का बाकायदा इंटरव्यू लेते हैं।
• LinkedIn प्रोफाइल: कई बार आपकी सैलरी स्लिप और लिंक्डइन प्रोफाइल चेक की जाती है।
• भारी-भरकम डिपॉजिट: कभी-कभी 10 महीने का रेंट एडवांस में मांग लिया जाता है।
सोशल मीडिया का रिएक्शन
वीडियो वायरल होते ही नेटिजन्स ने इस पर अपनी राय रखनी शुरू कर दी। एक यूजर ने लिखा, “बेंगलुरु में फ्लैट देखने जाओ तो चेकबुक और आधार कार्ड जेब में लेकर ही निकलो।” वहीं दूसरे ने कमेंट किया, “यहाँ घर मिलना अब पार्टनर मिलने से भी ज्यादा मुश्किल है।”