पाकिस्तान ने सऊदी अरब में अपने सैन्य सहयोग को और मजबूत करते हुए करीब 13,000 सैनिकों और 10 से 18 फाइटर जेट्स का एक बड़ा दल तैनात किया है। यह तैनाती पिछले साल दोनों देशों के बीच हुए रणनीतिक रक्षा समझौते के तहत की गई है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार (11 अप्रैल 2026) को इस तैनाती की आधिकारिक जानकारी दी।
रक्षा समझौते के तहत सऊदी में तैनाती
मंत्रालय के बयान के मुताबिक, यह सैन्य दल सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित किंग अब्दुलअज़ीज़ एयर बेस पर तैनात किया गया है। इसमें पाकिस्तान वायुसेना के फाइटर जेट्स और अन्य सपोर्ट एयरक्राफ्ट भी शामिल हैं। इस कदम का मकसद दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना, ऑपरेशनल तैयारी को मजबूत करना और क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखना बताया गया है।
पाकिस्तान सरकार के एक अधिकारी ने भी पुष्टि की है कि यह तैनाती दोनों देशों के बीच हुए रक्षा समझौते का हिस्सा है। इस समझौते के तहत यदि किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे दोनों पर हमला माना जाएगा। इससे साफ है कि दोनों देश एक-दूसरे की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच बढ़ा सैन्य सहयोग
एक्सपर्ट्स की मानें तो पाकिस्तान ने सैनिकों और विमानों को पिछले महीने ही सऊदी अरब भेज दिया था, लेकिन इसकी जानकारी अब सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले से ही करीब 10,000 पाकिस्तानी सैनिक सऊदी अरब में मौजूद हैं और यह नई तैनाती उसी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए की गई है।