लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से एक दहला देने वाली वारदात सामने आई है। सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट से सटे सिविल कोर्ट परिसर में उस वक्त मौत का सन्नाटा पसर गया, जब एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपने ही सगे भतीजे (जो स्वयं भी अधिवक्ता हैं) पर दिनदहाड़े गोलियां बरसा दीं।
भारी सुरक्षा वाले ज़ोन में हुई इस फायरिंग से न केवल वकीलों में आक्रोश है, बल्कि कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
कचहरी के भीतर ‘खून का खेल’
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर जब कोर्ट में गहमागहमी थी, तभी अचानक फायरिंग की आवाज से अफरा-तफरी मच गई।
आरोप है कि अधिवक्ता जे.के. राज ने अपने सगे भतीजे को निशाना बनाकर गोली चलाई, जो उसकी पीठ में जा लगी। गोली भतीजे की पीठ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
पारिवारिक विवाद बना हमले की वजह!
शुरुआती जांच में निकलकर आ रहा है कि यह पूरी वारदात आपसी जमीनी रंजिश और पारिवारिक कलह का नतीजा है। चाचा और भतीजे के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया। पुलिस इस एंगल पर गहनता से पड़ताल कर रही है कि आखिर कोर्ट रूम के इतने करीब हथियार कैसे पहुँचा?
मौके पर पहुँचीं ‘लेडी सिंघम’: DM और SP ने संभाला मोर्चा
वारदात की गंभीरता को देखते हुए लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग तुरंत घटनास्थल पर पहुँचीं। अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए। इसके बाद दोनों महिला अफसर घायल अधिवक्ता का हाल जानने के लिए ओयल स्थित अस्पताल के लिए रवाना हो गईं।
सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
जिलाधिकारी कार्यालय के बगल में स्थित कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े गोली चलना पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खोलता है। वकीलों ने परिसर को घेर लिया है और आरोपी वकील के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ कचहरी में सुरक्षा पुख्ता करने की मांग की है।