लखनऊ। इतिहास के पन्नों में दफन अवध के उन जांबाज नायकों को फिर से जीवित करने की मुहिम शुरू हो गई है, जिन्होंने 1857 की क्रांति में अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे।
गोमतीनगर स्थित संगीत नाटक अकादमी (SNA) के सभागार में वरिष्ठ पत्रकार नवल कान्त सिन्हा की नई पुस्तक ‘जाँबाज़ हिन्दू राजा दिग्विजय सिंह’ का भव्य विमोचन संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खबर यह रही कि अब इस ऐतिहासिक नायक की कहानी किताबों से निकलकर पर्दे पर नजर आएगी। मशहूर फिल्म निर्माता सोहन मास्टर और स्क्रिप्ट राइटर अमित आर्यन ने इस पुस्तक पर आधारित एक फिल्म ‘जियो हॉटस्टार’ के लिए बनाने की आधिकारिक घोषणा की है।
तीसरी बड़ी कृति: ‘मौत, माफिया और सियासत’ तथा ‘हिन्दू राजा टिकैत राय’ की सफलता के बाद नवल कान्त सिन्हा की यह तीसरी पुस्तक है।
अनसुना इतिहास: यह किताब 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के नायक राजा दिग्विजय सिंह के अदम्य साहस और संघर्ष को समर्पित है।
बॉलीवुड कनेक्शन: किताब पर फिल्म बनने से यूपी की स्थानीय प्रतिभाओं को मंच और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
दिग्गज पत्रकारिता का जमावड़ा: कार्यक्रम में देश और प्रदेश के नामचीन संपादकों और बुद्धिजीवियों ने शिरकत की।
“इतिहास के साथ न्याय की कोशिश”
विमोचन के दौरान लेखक नवल कान्त सिन्हा ने भावुक होते हुए कहा-“1857 की क्रांति के कई ऐसे नायक हैं, जिन्हें इतिहास की मुख्यधारा में वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। राजा दिग्विजय सिंह उन्हीं में से एक थे। यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से परिचित कराने का एक प्रयास है।”
मंच पर मौजूद रहीं ये हस्तियां
कार्यक्रम में पत्रकारिता जगत के स्तंभ राहुल देव, दैनिक जागरण के राज्य संपादक आशुतोष शुक्ला, हिंदुस्तान टाइम्स के प्रांशु मिश्रा, नवभारत टाइम्स के सुधीर मिश्रा, इंडियन एक्सप्रेस के भूपेंद्र पांडेय और वरिष्ठ पत्रकार सुनीता ऐरन जैसे दिग्गजों ने पुस्तक की सराहना की। इसके अलावा पूर्व आईएएस रमेश मिश्रा, मुकेश बहादुर सिंह और उमाशंकर दुबे सहित कला और साहित्य क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।