चार नए लेबर कोड लागू करने के फैसले पर जहाँ अधिकतर श्रमिक संगठन यह कहते हुए विरोध कर रहे हैं कि ये कामगारों के हितों के ख़िलाफ़ हैं, वहीं सरकार उनके दावों से इत्तफ़ाक नहीं रखती.
सरकार का स्पष्ट कहना है कि नई श्रम संहिता आर्थिक विकास और रोजगार को नई दिशा और गति प्रदान करेगी. दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया है और सरकार पर तीखा हमला बोला है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उदित राज ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश में पहले Occupational Safety और Health को लेकर सख्त कानून हुआ करते थे, लेकिन अब निरीक्षण प्रणाली को कमजोर कर एक ढीला ढांचा लागू किया जा रहा है.
उदित राज का कहना है कि नए लेबर कोड में निरीक्षण व्यवस्था को कमजोर करने से मजदूरों का शोषण बढ़ेगा और नियोक्ताओं को अनेक कानूनी पाबंदियों से छूट मिल जाएगी.
नए कोड में गिग वर्कर्स को सिर्फ रजिस्ट्रेशन तक सीमित कर दिया गया है, जिसमें उन्हें ESIC और EPFO जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएँ प्रदान करने का प्रावधान नहीं है.
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘हायर एंड फायर’ नीति को बढ़ावा दिया गया है, जिससे असंगठित मजदूरों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा और उनकी नौकरी की सुरक्षा समाप्त हो जाएगी.
उदित राज ने कहा कि इन चारों लेबर कोड में मजदूरों के अधिकारों को कमजोर कर दिया गया है और अब मजदूर हड़ताल भी नहीं कर पाएगा.इससे ‘बंधुआ मजदूरी’ जैसी कुप्रथाओं को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने मांग की कि मजदूर-विरोधी नए लेबर कोड को सरकार तुरंत वापस ले।