3 मुख्य बातें
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। सैन्य कार्रवाई में फिलहाल ठहराव के बावजूद दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक टकराव तेज हो गया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वॉशिंगटन का आर्थिक दबाव जारी रहता है तो तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य समेत फारस की खाड़ी से तेल निर्यात पूरी तरह रोक सकता है।
रेजाई ने यह भी कहा कि अमेरिका के खिलाफ चलाए जा रहे आर्थिक अभियान में शामिल होने या उसका समर्थन करने वाले किसी भी देश के कदम को ईरान ‘युद्ध की कार्रवाई’ यानी Act of War मानेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ाने की तैयारी में है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट सोमवार को ईरान के खिलाफ नए आर्थिक उपायों का ऐलान कर सकते हैं। वॉशिंगटन इन कदमों को ईरान को आर्थिक और वित्तीय तौर पर अलग-थलग करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा बता रहा है। बेसेंट ने इसे बेहद व्यापक आर्थिक अभियान के रूप में पेश किया है।
अमेरिकी दबाव का निशाना केवल ईरान तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। वॉशिंगटन उन देशों और कंपनियों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दे रहा है जो ईरान के साथ आर्थिक संबंध बनाए रखते हैं। ऐसे में तेहरान ने भी साफ कर दिया है कि वह दबाव बढ़ने की स्थिति में खाड़ी में तेल की आवाजाही को प्रभावित करने वाला कदम उठा सकता है।
इसी बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को लेकर भी नियम कड़े कर दिए हैं। ईरान की Persian Gulf Strait Authority ने उन जहाजों की एक सूची जारी की है, जिन्हें उसने अपने ट्रांजिट नियमों का उल्लंघन करने वाला बताया है।
ईरानी प्राधिकरण के मुताबिक सूची में शामिल जहाजों को भविष्य में होर्मुज से गुजरने पर जुर्माना, हिरासत या जब्ती जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। प्राधिकरण ने कार्गो कंपनियों को जहाज बुक करने से पहले ‘Non-Compliant Vessels’ की सूची जांचने की सलाह दी है।
ईरान ने यह भी कहा है कि सूची में शामिल जहाजों के साथ शिप-टू-शिप ट्रांसफर या अन्य सहयोग करने वाले जहाजों को भी सूची में जोड़ा जा सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव का असर वैश्विक समुद्री व्यापार पर भी दिखाई दे रहा है। रॉयटर्स के मुताबिक पिछले सप्ताह होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या सामान्य स्तर की तुलना में करीब 90 फीसदी कम रही। सप्ताहांत में 20 से भी कम कमोडिटी जहाजों ने इस अहम समुद्री मार्ग को पार किया।
होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। यहां लंबे समय तक आवाजाही बाधित रहने से तेल, गैस और वैश्विक शिपिंग बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश भी तेज हो गई है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के सोमवार को तेहरान पहुंचने की उम्मीद है। उनके दौरे में ईरान-अमेरिका तनाव, क्षेत्रीय सुरक्षा और बातचीत को दोबारा शुरू कराने के प्रयासों पर चर्चा हो सकती है।
पाकिस्तान पहले भी दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने और बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश करता रहा है। ऐसे में मुनीर का तेहरान दौरा इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि यह दौरा अमेरिकी प्रतिबंधों के नए दौर की घोषणा के बीच हो रहा है।एक तरफ अमेरिका ईरान पर आर्थिक शिकंजा कसने की तैयारी में है, वहीं तेहरान ने जवाब में तेल निर्यात को पूरी तरह रोकने की धमकी दी है। दूसरी तरफ पाकिस्तान बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश कर रहा है।
ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रतिबंधों, होर्मुज में जहाजों की आवाजाही और पाकिस्तान की मध्यस्थता पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर के गोधनी इलाके में सोमवार को क्लोरीन गैस लीक होने से…
अमरावती के जिला महिला अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में सोमवार तड़के आग…
अगस्त 2026 में भारतीय इक्विटी मार्केट में करीब 10 अरब डॉलर के सौदे हो चुके…
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कन्नौज में पकड़े…
मुंबई: इंटरनेट पर इन दिनों ताइवानी अभिनेता और मॉडल चेंग चांग फैन का नाम तेजी…
अमरावती: महाराष्ट्र के अमरावती में सोमवार तड़के एक महिला अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल केंद्र…