लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत का मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को इस प्रकरण को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य मामला नहीं है और यह सरकार को ले डूबेगा। अखिलेश के बयान के बाद मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी में देरी, उसके सामने आए वीडियो और मामले की पुलिस जांच को लेकर सवाल फिर चर्चा में आ गए हैं।
सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि इस मामले में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने इसकी तुलना कानपुर के बिकरू कांड से करते हुए सरकार पर तंज कसा। अखिलेश ने कहा, “उस समय भी गाड़ी नहीं पलटी थी, सरकार को पलटाने से बचाया गया था।” उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि शिवा शर्मा का मामला भी सामान्य नहीं है।
शिवा शर्मा मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे की तलाश के बीच उसके वीडियो सामने आने और एक समाचार एजेंसी को इंटरव्यू देने की खबरों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, फरारी के दौरान जारी अपने वीडियो में श्रद्धा ने नामचीन और रसूखदार लोगों के साथ उसका नाम जोड़ने पर आपत्ति जताई थी।
वहीं, कारोबारी शिवा शर्मा को कथित तौर पर धमकाने वाला एक पुराना वीडियो भी वायरल होने की बात सामने आई है। इस वीडियो में श्रद्धा के किसी ‘सर’ से शिकायत करने की बात कहने का दावा किया गया है। हालांकि, इन कथित संबंधों और वीडियो में कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है।
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक समाचार एजेंसी के रिपोर्टर से श्रद्धा के इंटरव्यू को लेकर सवाल भी किया। उन्होंने मीडिया कवरेज पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अलग-अलग चैनल इस मामले में अलग-अलग पक्ष लेते दिखाई दे रहे हैं। सपा अध्यक्ष ने दोहराया कि उनकी मांग न्याय सुनिश्चित करने की है।
मामले में पुलिस की तलाश के बीच श्रद्धा के वीडियो और इंटरव्यू सामने आने के बाद जांच की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। खबरों के अनुसार, इसके बाद पुलिस विभाग में प्रशासनिक बदलाव भी किए गए। हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया, डीसीपी विक्रांत वीर को डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया गया और एसीपी रजनीश वर्मा को एसीपी क्राइम के पद पर भेजा गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, श्रद्धा दुबे पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। इन घटनाक्रमों के बीच पुलिस के सामने आरोपी का पता लगाने और मामले की जांच को आगे बढ़ाने की चुनौती बनी हुई है।
कारोबारी शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर को लखनऊ में मॉडल श्रद्धा दुबे के फ्लैट से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शिवा की मां ने श्रद्धा, उसकी बहन समेत चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे को ऊपर से धक्का देकर मारा गया। इस शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
हत्या के आरोपों और घटना की परिस्थितियों की जांच पुलिस कर रही है। आरोपों का अंतिम सच जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
शिवा शर्मा मामले में एक ओर पुलिस की जांच और श्रद्धा की तलाश चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने इसे लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। अखिलेश यादव का बयान इसी राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा है। अब इस मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त…
विजयादशमी का नाम आते ही मन में रावण के विशाल पुतले और उसकी आग की…
अगर आप उन करोड़ों मोबाइल यूजर्स में से हैं जिन्हें इंटरनेट डेटा की रत्ती भर…
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे…
रील लाइफ का एक जबरदस्त सीन अब रियल लाइफ के इतिहास में दर्ज होने जा…
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे की…